Breaking News
Home / Diseases / Rhematoid Arthritis और Gout में क्या फर्क होता है?

Rhematoid Arthritis और Gout में क्या फर्क होता है?

Differences in Rhematoid Arthritis and Gout in Hindi

जोड़ो में दर्द होने के कई कारण होते है, अगर हमे सही कारण का पता लग जाता है तो हम आसानी से उस समस्या का उपचार करवा सकते है। Rhematoid Arthritis और Gout  के लक्षण देखने में एक जैसे लगते है, क्योकि दोनों ही परिस्तिथियो में जोड़ो में दर्द, सुजन और जकडन रहती है। लेकिन फिर भी इन दोनों बिमारियों में  कई फर्क होते है इनके इलाज के लिए बीमारी को सही रूप से पहचान करना जरुरी होता है।

Differences in Rhematoid Arthritis and Gout in Hindi Gout मुख्य रूप से छोटे जोड़ो में होने वाली समस्या होती है,मुख्य रूप से Toe के आस पास के जोड़ो में होती है जैसे पैरों की उंगलिया ये यूरिक एसिड की मात्र रक्त में बढ़ने से जो यूरिक एसिड इन जोड़ो में जमा हो जाता है उस कारण इन छोटे छोटे जोड़ों में दर्द, सुजन और लालिपन हो जाता है।

Rhematoid Arthritis एक प्रकार का  Autoimmune Disorder है जिसमे हमारा स्वय का इम्यून सिस्टम हमारे जोड़ो पर अटैक कर देता है जिससे जोड़ो में दर्द, सुजन और जकडन रहती है।

Differences in Rhematoid Arthritis and Gout in Hindi

क्या Rhematoid Arthritis और Gout  दोनों साथ में हो सकते है?

Rhematoid Arthritis और Gout का कारण अलग अलग होने के कारण दोनों किसी रोगी को साथ में हो सकते है Gout खान पान के कारण होने वाली बीमारी है। जैसे ज्यादा प्रोटीन लेने से यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ सकती है और वहीGout की बीमारी को जन्म देने वाला  खान पान रखने से कई समस्याए जैसे मोटापा, और जोड़ो पर ज्यादा दबाव पड़ना बढ़ जाता है। जिससे Rhematoid Arthritis की समस्या जटिल होती जाती है यानि दर्द और सुजन बढ़ जाती है। इसलिए जिन लोगो को Rhematoid Arthritis और Gout दोनों की समस्या होती है उनको Healthy डाइट लेने के साथ साथ अपना weight भी मेन्टेन करना होता है। Differences in Rhematoid Arthritis and Gout in Hindi

पुरुषो में महिलाओं के मुकाबले Gout होने के चांसेस ज्यादा है जब उनकी उम्र 40 वर्ष से ज्यादा होती है और जिन लोगो में ऑर्गन ट्रांसप्लांट करवाया है उनमे भी gout होना संभाविक होता है। Differences in Rhematoid Arthritis and Gout in Hindi

Differences in Rhematoid Arthritis and Gout in Hindi

Signs and symptoms of Rheumatoid Arthritis

  • जोड़ो में दर्द, सुजन और जकडन लगभग 6 सप्ताह से ज्यादा रहती हो तो
  • सुबह उठते ही जोड़ो में stiffnes (जकडन) 30 मिनट या उससे ज्यादा देर रहती हो
  • एक से ज्यादा जोड़ों में दर्द, सुजन और जकडन होती हो
  • हाथ और पैरो के जोड़ो में मुख्य रूप से होता है
  • अगर एक हाथ या पैर  का जोड़ प्रभावित होगा तो दुसरे हाथ या पैर का जॉइंट भी प्रभावित होगा
  • आँखों में रूखापन और दर्द भी होगा आंखे रौशनी के प्रति सेंसिटिव हो सकती है
  • मुह में सूखापन और जलन हो सकती है
  • त्वचा के निचे छोटी छोटी गांठ या lumps हो सकते है
  • Anaemia (रक्त की कमी) हो सकती है
  • रक्तवाहिनियों में सुजन होती है
  • साँस थोड़ी तेज चलती है और फेफड़ो में Scarrring हो सकती है

Signs and symptoms of Gout

  • पैरों की उँगलियों (Toe Region ) में बहुत तेज दर्द होना
  • प्रभावित जॉइंट में हिलना डुलने से दर्द ज्यादा होना मलतब जॉइंट में motion कम होना
  • प्रभावित जॉइंट में सुजन और लालीपन (Redness) होना
  • बुखार होना और प्रभावित जोड़ो का गर्म होना

Differences in Rhematoid Arthritis and Gout in Hindi

Risk factors for Rheumatoid Arthritis

  • परिवार में किसी को rheumatoid arthritis की हिस्ट्री होना
  • स्मोकिंग
  • मोटापा
  • वातवरण में polution होना
  • मुख्य रूप से महिलाओं में जिनमे उम्र 40 से ज्यादा है

Differences in Rhematoid Arthritis and Gout in Hindi

Risk factors for Gout

  • हाई प्यूरीन या प्रोटीन डाइट
  • मीट, शराब
  • मोटापा
  • हाई ब्लड प्रेशर
  • परिवार में किसी को Gout की हिस्ट्री होना
  • पुरुषो में उम्र 40 से ज्यादा होना

 

 

About Anonymous

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *